लव जिहाद का शिकार हो चुकी हिंदू बेटी जिसे मजिस्ट्रेट ने भी मुस्लिम युवक के साथ भेजने का आदेश दिया था।
राष्ट्र धारक दल के प्रयासों से उसे बेटी को न केवल जिहादियों के चंगुल से छुड़वाया गया साथ ही परिजनों की सहमति से 27 जून 2025 को एक हिंदू युवक से उसका विवाह भी संपन्न कराया गया।